1. पानी की बोतल पर जो एक्सपायरी डेट लिखी रहती है, वास्तव में वह बोतल के लिए होती है, न कि पानी के लिए ☺☺
2. आंवला और अमरूद में सेवफ़ल से भी ज्यादा पौषक तत्व होते हैं। आंवला से प्राप्त विटामिन -सी निम्बू व सेवफ़ल से भी उच्च क्वालिटी का होता है।
3. saadabhojan.blogspot.com में आपको छोटी- छोटी ऐसी तरकीबें बताई जाती हैं जो आपके भोजन को अधिक स्वादिष्ट और सुपाच्य बनाती हैं। दही शाकाहारी व्यक्ति के लिए भोजन की थाली का एक आवश्यक भाग होना चाहिए। क्योंकि शाकाहारी भोजन करने वालों को विटामिन B कुछ ही वस्तुओं से मिलता है और दही उनमें से एक है। आज मैं आपको केसरिया दही बनाने की तरकीब बताती हूँ जो बिलकुल आसान है:
जब आप दही जमाएं तो पहले थोड़े पानी या दूध में केसर की सात-आठ पत्तियां घोट लें। ये घुटी हुई केसर पूरे दूध में अच्छी तरह से मिला दें। साथ में गुलाबजल की कुछ बूंदें भी डाल दें। जामन डालने के बाद दूध थोड़ी गर्म जगह पर दस से बारह घण्टे तक रख दें। आपका खुशबूदार केसरिया दही तैयार हो जायेगा।
4. किशमिश ( RAISINS) या दाख, अंगूर को सुखाने से बनती है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह एक अत्यंत पौष्टिक ड्राई फ्रुट माना जाता है।
किशमिश खाने का सबसे अच्छा तरीका है कि इसे रात को पानी में भिगोकर रख दें और सुबह किशमिश फुल जाने पर खाएं और किशमिश के पानी को भी पी लें। भीगी हुई किशमिश में आयरन, पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नेशियम और फाइबर भरपूर होता है। इसमें मौजूद शुगर प्राकृतिक होती है इसलिए सामान्यतः इसका कोई नुकसान नहीं होता है मगर डायबीटीज के मरीजों को किशमिश नहीं खानी चाहिए।
5. कब्ज Constipation को सभी रोगों की जड़ माना जाता है। यदि कब्ज लम्बे समय तक बना रहे तो शरीर दुर्बल हो जाता है। कब्ज से मुक्ति का बहुत ही आसान रास्ता मैं आपको बता रही हूं जो हर इंसान अपना सकता है:
यदि कब्ज की शिकायत हो तो दूध का सेवन बढ़ा देना चाहिए। यदि दूध पीना पसन्द न हो तो उसमें हॉर्लिक्स, बोर्नवीटा आदि मिला कर पीयें।
फिर भी यदि दूध न पी सकते हों तो चाय पीयें। हां, चाय केवल दूध की बनायें बगैर पानी मिलाये। दिन में तीन-चार बार चाय पीने से कब्ज खत्म हो जाता है। रात को खारक (dried dates) का दूध पीने से भी कब्ज की शिकायत दूर होती है।
घी कब्ज मिटाता है। कब्ज सर परेशान हो कर एलोपैथिक इलाज करके थक गए हों तो रात को एक गिलास गुनगुने दूध में शुद्ध घी डालकर पी जाएं।
6. सब्जियां ज्यादा तेल-घी डालने पर ही जल्दी पकती हैं। ज्यादा तेल-घी सेहत के लिए नुकसानकारक हैं।कुछ सब्जियां जैसे गिलकी, तोरई, लौकी तो काफी तेल-घी डालने पर ही गलती हैं। यदि आप कम तेल-घी का उपयोग करके सब्जियां बनाना चाहती हैं तो पहले इन सब्जियों को कुकर में बाफ लें। फिर पकी सब्जी बहुत ही कम तेल डाल कर बघारें। यकीन करिये, सब्जियां ज्यादा स्वादिष्ट और पौष्टिक बनेंगी।
6. सब्जियां ज्यादा तेल-घी डालने पर ही जल्दी पकती हैं। ज्यादा तेल-घी सेहत के लिए नुकसानकारक हैं।कुछ सब्जियां जैसे गिलकी, तोरई, लौकी तो काफी तेल-घी डालने पर ही गलती हैं। यदि आप कम तेल-घी का उपयोग करके सब्जियां बनाना चाहती हैं तो पहले इन सब्जियों को कुकर में बाफ लें। फिर पकी सब्जी बहुत ही कम तेल डाल कर बघारें। यकीन करिये, सब्जियां ज्यादा स्वादिष्ट और पौष्टिक बनेंगी।
7. बाजार से कांच के ग्लास-प्याले खरीदने जा रही हैं ? ध्यान रखें, पतले कांच के बर्तन ही खरीदें। मोटी परत वाले बर्तन में गर्म पदार्थ डालने से वे जल्दी तड़क जाते हैं। कारण यह है कि कांच तापक्रम का कुचालक होता है। मोटे बर्तन में गर्म पदार्थ डालने से अंदर की परत फैलने लगती है जबकि बाहरी परत तक गर्मी पहुंचने में समय लगता है और अंदर व बाहरी परत के फैलाव में गेप हो जाने से बर्तन तड़क जाता है।
आपने देखा होगा, रासायनिक प्रयोग में काम आने वाली टेस्ट-टयूब पतले कांच की बनी होती है।
8. डॉक्टर डायबिटिज के मरीज को चावल खाने के लिए मना करते हैं। वैसे चावल शाकाहारी लोगों के लिए विटामिन बी12 का बढ़िया स्त्रोत है। डॉक्टर डायबिटिक मरीज को चावल इसलिए नहीं खाने देते क्योंकि चावल में कार्बोहाइड्रेट और स्टार्च बहुत अधिक होते हैं। साथ ही चावल खाने से रक्त-शर्करा भी बढ़ती है।
क्या ऐसे लोग चावल बिल्कुल ही नहीं खा सकते। तो ऐसा नहीं है। चावल को कुकर में बनाने के बजाय पतीले में उबाल कर और फिर अतिरिक्त पानी निकाल कर बनाएं। जैसा पुराने जमाने में गृहिणियां बनाती थी। इससे चावल में मौजूद स्टार्च पानी के साथ निकल जाता है।
दूसरा तरीका है, चावल को खमीरीकृत करना। बने हुए चावल को 5-6 घण्टे ढंक कर रख दें। चाहें तो चावल में हल्का नींबू निचोड़ दें। 5-6 घंटे बाद चावल खाएं। इससे इनमें मौजूद विटामिन बी12 एक्टिव हो जाता है और यह रक्त-शर्करा भी नहीं बढ़ने देता। इसके अलावा चावल के साथ हरी सब्जियां भी मिलाएं।