सोमवार, 3 सितंबर 2018

आपको शायद पता न हो

1. पानी की बोतल पर जो एक्सपायरी डेट लिखी रहती है, वास्तव में वह बोतल के लिए होती है, न कि पानी के लिए  ☺☺

2. आंवला और अमरूद में सेवफ़ल से भी ज्यादा पौषक तत्व होते हैं। आंवला से प्राप्त विटामिन -सी निम्बू व सेवफ़ल से भी उच्च क्वालिटी का होता है।

3. saadabhojan.blogspot.com में आपको छोटी- छोटी ऐसी तरकीबें बताई जाती हैं जो आपके भोजन को अधिक स्वादिष्ट और सुपाच्य बनाती हैं। दही शाकाहारी व्यक्ति के लिए भोजन की थाली का एक आवश्यक भाग होना चाहिए। क्योंकि शाकाहारी भोजन करने वालों को विटामिन B कुछ ही वस्तुओं से मिलता है और दही उनमें से एक है। आज मैं आपको केसरिया दही बनाने की तरकीब बताती हूँ जो बिलकुल आसान है:

 जब आप दही जमाएं तो पहले थोड़े पानी या दूध में केसर की सात-आठ पत्तियां घोट लें। ये घुटी हुई केसर पूरे दूध में अच्छी तरह से मिला दें। साथ में गुलाबजल की कुछ बूंदें भी डाल दें। जामन डालने के बाद दूध थोड़ी गर्म जगह पर दस से बारह घण्टे तक रख दें। आपका खुशबूदार केसरिया दही तैयार हो जायेगा।

4. किशमिश ( RAISINS) या दाख, अंगूर को सुखाने से बनती है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह एक अत्यंत पौष्टिक ड्राई फ्रुट माना जाता है।
किशमिश खाने का सबसे अच्छा तरीका है कि इसे रात को पानी में भिगोकर रख दें और सुबह किशमिश फुल जाने पर खाएं और किशमिश के पानी को भी पी लें। भीगी हुई किशमिश में आयरन, पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नेशियम और फाइबर भरपूर होता है। इसमें मौजूद शुगर प्राकृतिक होती है इसलिए सामान्यतः इसका कोई नुकसान नहीं होता है मगर डायबीटीज के मरीजों को किशमिश नहीं खानी चाहिए।


5. कब्ज Constipation को सभी रोगों की जड़ माना जाता है। यदि कब्ज लम्बे समय तक बना रहे तो शरीर दुर्बल हो जाता है। कब्ज से मुक्ति का बहुत ही आसान रास्ता मैं आपको बता रही हूं जो हर इंसान अपना सकता है:
 यदि कब्ज की शिकायत हो तो दूध का सेवन बढ़ा देना चाहिए। यदि दूध पीना पसन्द न हो तो उसमें हॉर्लिक्स, बोर्नवीटा आदि मिला कर पीयें।
फिर भी यदि दूध न पी सकते हों तो चाय पीयें। हां, चाय केवल दूध की बनायें बगैर पानी मिलाये। दिन में तीन-चार बार चाय पीने से कब्ज खत्म हो जाता है। रात को खारक (dried dates) का दूध पीने से भी कब्ज की शिकायत दूर होती है।
घी कब्ज मिटाता है। कब्ज सर परेशान हो कर एलोपैथिक इलाज करके थक गए हों तो रात को एक गिलास गुनगुने दूध में शुद्ध घी डालकर पी जाएं। 

6. सब्जियां ज्यादा तेल-घी डालने पर ही जल्दी पकती हैं। ज्यादा तेल-घी सेहत के लिए नुकसानकारक हैं।कुछ सब्जियां जैसे गिलकी, तोरई, लौकी तो काफी तेल-घी डालने पर ही गलती हैं। यदि आप कम तेल-घी का उपयोग करके सब्जियां बनाना चाहती हैं तो पहले इन सब्जियों को कुकर में बाफ लें। फिर पकी सब्जी बहुत ही कम तेल डाल कर बघारें। यकीन करिये, सब्जियां ज्यादा स्वादिष्ट और पौष्टिक बनेंगी।
7. बाजार से कांच के ग्लास-प्याले खरीदने जा रही हैं ? ध्यान रखें, पतले कांच के बर्तन ही खरीदें। मोटी परत वाले बर्तन में गर्म पदार्थ डालने से वे जल्दी तड़क जाते हैं। कारण यह है कि कांच तापक्रम का कुचालक होता है। मोटे बर्तन में गर्म पदार्थ डालने से अंदर की परत फैलने लगती है जबकि बाहरी परत तक गर्मी पहुंचने में समय लगता है और अंदर व बाहरी परत के फैलाव में गेप हो जाने से बर्तन तड़क जाता है। 
आपने देखा होगा, रासायनिक प्रयोग में काम आने वाली टेस्ट-टयूब पतले कांच की बनी होती है।

8. डॉक्टर डायबिटिज के मरीज को चावल खाने के लिए मना करते हैं।  वैसे चावल शाकाहारी लोगों के लिए विटामिन बी12 का बढ़िया स्त्रोत है। डॉक्टर डायबिटिक मरीज को चावल इसलिए नहीं खाने देते क्योंकि चावल में कार्बोहाइड्रेट और स्टार्च बहुत अधिक होते हैं। साथ ही चावल खाने से रक्त-शर्करा भी बढ़ती है।
 क्या ऐसे लोग चावल बिल्कुल ही नहीं खा सकते। तो ऐसा नहीं है। चावल को कुकर में बनाने के बजाय पतीले में उबाल कर और फिर अतिरिक्त पानी निकाल कर बनाएं। जैसा पुराने जमाने में गृहिणियां बनाती थी। इससे चावल में मौजूद स्टार्च पानी के साथ निकल जाता है।
दूसरा तरीका है, चावल को खमीरीकृत करना। बने हुए चावल को 5-6 घण्टे ढंक कर रख दें। चाहें तो चावल में हल्का नींबू निचोड़ दें। 5-6 घंटे बाद चावल खाएं। इससे इनमें मौजूद विटामिन बी12 एक्टिव हो जाता है और यह रक्त-शर्करा भी नहीं बढ़ने देता। इसके अलावा चावल के साथ हरी सब्जियां भी मिलाएं। 

रविवार, 19 अगस्त 2018

किचन टिप्स KITCHEN TIPS

. मोमबत्तियों को उपयोग में लेने से पहले 8-10 घण्टे के लिए आप उन्हें फ्रिज में रख दें। इससे वे सख्त हो जाएँगी और जलाने पर देर तक रोशनी देंगी।

. नींबू का रस और शक्कर मिलाएं। इसे चेहरे पर रात को लगा कर 15-20 मिनट रखें। फिर पानी से चेहरा धो लें। नींबू में मौजूद अम्ल से चेहरे पर जमी मृत त्वचा साफ होती है। इससे चेहरा गोरा व चमकदार दिखने लगता है। यह प्रयोग सप्ताह में एक बार करें। ध्यान रहे, चेहरे पर कभी भी नींबू का रस सीधे न लगाएं। इससे त्वचा में जलन हो सकती है।

. बीज वाले फल जैसे अमरूद, अंगूर, संतरा आदि खाते समय ध्यान रखें कि इनके बीज पेट में न जाने पाए। सख्त बीजों को पचाने में आंतों को एक्सट्रा मेहनत करनी पड़ती है। टमाटर भी जहां तक हो सके,बीज निकाल कर ही खाएं।

. यदि रात की रोटी बच गई है तो इसका सबसे बेहतरीन उपयोग मैं आपको बताती हूं। छाछ में रात की रोटी के छोटे टुकड़े करके एकाध घंटा रख दें। जब रोटी नरम हो जाये तो उसमें नमक,लाल मिर्च पावडर और शक्कर डाल कर मिक्स कर लें। लीजिये स्वादिष्ट खट्टी रोटी तैयार है। इसे बुजुर्ग भी आराम से खा सकते हैं। गर्मियों में यह विशेष फायदेमंद होती है।

. रीठे से बाल धोने से बाल चमकदार और मुलायम होते हैं। रीठे से आप अपने नाइलोन, ऊनी और रेशमी वस्त्र घर पर ही आसानी से धो सकते हैं। इन वस्त्रों को धोने के लिए बाजार में मिलने वाले महंगे लिक्विड सोप में रीठे का पानी ही रहता है। इसके अलावा रीठे से आप सोने के गहने भी धो कर देखिए। गहने एकदम नए जैसे बन जाएंगे।

. स्टील-पीतल या अल्युमिनियम के बर्तन खरीदने पर उन पर लगे स्टिकर निकालने में बहुत परेशानी होती है। आप ऐसे नए बर्तन को जिसमें स्टिकर लगे हैं, गैस की धीमी आंच पर हल्का गर्म करें। बर्तन गर्म होने पर स्टिकर पर लगा गोंद नरम हो जाएगा। बर्तन को आंच पर से हटा कर स्टिकर निकाल लें। बाद में बचा गोंद बर्तन धोते समय आसानी से हट कर बर्तन बिल्कुल साफ हो जाएगा।

. आलू उबालने से कई बार कुकर अंदर से एकदम काला हो जाता है जो लाख कोशिशों के बाद भी साफ नहीं हो पाता। ऐसे कुकर को काफी सारी इमली डाल कर रात भर छोड़ दें।सवेरे  साफ करें। कालापन बिल्कुल नहीं रहेगा।

. वजन कम करने का एक आसान तरीका :
धीरे- धीरे भोजन करने से आप एक तरफ भोजन का पूरा मजा ले पाएंगे,वहीं आपका पाचन तन्त्र भी स्ट्रांग बनेगा। इसके साथ ही ये वेट लॉस  में भी मदद करेगा।

. अक्सर गृहिणियां शक्कर के डब्बे में चीटियाँ होने से परेशान होती रहती हैं। मैं आपको इसका हल बताती हूँ:-
1. शक्कर के डब्बे में 15-20 लौंग clove रखने से डब्बे में चीटियाँ नहीं होंगी।
2. दूसरा उपाय यह है कि आप शक्कर को कांच के जार या सफेद प्लास्टिक के कंटेनर में रखें। शक्कर पर रोशनी गिरने से चीटियाँ दूर रहेंगी।

. दही बालों के लिए किसी शेम्पू से कम नहीं बल्कि उससे भी अधिक गुणकारी है। दही या छाछ से सिर धोने से बाल काले,घने और लंबे होते हैं।

. भुट्टे कई बार बिना उपयोग करे यूँही पड़े रह जाते हैं। इन सूखे हुए भुट्टों के दाने निकाल लें और कुकर में नमक व पानी डालकर 5-6 सिटी आने तक उबालें। कुकर से निकालने के बाद इनमें नमक और लाल मिर्च पावडर मिला दें। ये खाने में अत्यंत स्वादिष्ट लगते हैं।

. पीलिया रोग में दही खाने से पीलिया जल्दी ठीक होता है। इसके अतिरिक्त छाछ में सिका हुआ जीरा और नमक डाल कर सुबह-शाम पीने से भी पीलिया रोग में लाभ होता है।

. दही जमाने के लिए बाजार के डिब्बा बन्द दही का जामन उपयोग में न लाएं। डिब्बा बन्द दही में रसायन मिला होता है और यह ताजा भी नहीं होता है। इस तरह के दही के जामन से दही जमने में बहुत समय कभी-कभी तो 2-3 दिन तक भी दही नहीं जमता है। इसलिए हमेशा डेरी के ताजा दही का जामन काम में लें।

.लकड़ी के घर में रहती
 राजकुमारी मूंगफली।
काजू-पिस्ता, फीके हैं
सब पर भारी मूंगफली।।
इस कविता में मूंगफली का बिल्कुल सही गुणगान किया गया है।
तो आइए पता करें, मूंगफली के गुण - 

 मूंगफली खाने से शरीर में गर्मी आती है। मूंगफली न मिलने पर इसके स्थान पर इसके दाने भी  सेंक कर खा सकते हैं। मूंगफली को गुड़ के साथ खाने पर इसके गुणों में वृध्दि होती है।
मूंगफली में प्रोटीन और कैल्शियम काफी मात्रा में होता है। गर्भवती स्त्री यदि मूंगफली का सेवन करे तो होने वाला बच्चा हष्ट-पुष्ट होता है। प्रसव के बाद भी माता को मूंगफली का भरपूर सेवन करना चाहिए। इससे माता के दूध में वृद्धि होती है।
. अरबी उबालने के बाद छिलते समय हाथों में खुजली होती है। इसी तरह गराड़ू छिलते समय भी हाथों में खुजली होती है। आप यदि अरबी और गराड़ू छिलने के पहले हाथों में मूंगफली का तेल लगा लें तो फिर ये सब्जियां छिल कर देखिए। हाथों में बिल्कुल खुजली नहीं होगी। 



गुरुवार, 5 अप्रैल 2018

दाल जल्दी कैसे पके ?


सभी घरों में  किसी न किसी तरह की दाल रोज बनती ही है। चाहे वह तुअर दाल हो,चना दाल या मुंग दाल हो। आमतौर पर दालों को सीझने में समय लगता है। मैं आपको कुछ सरल उपाय बताती हूँ जिससे दालें जल्दी पक जाएंगी।
1. आपको जो भी दाल सवेरे के भोजन में बनाना हो वह आप एक दिन पहले रात को पानी में भिगो कर रख दें। इससे दाल रात भर में फुल जायेगी और गलने में समय कम लगेगा।
2. यदि दाल रात को भिगोना भूल जाएँ तो सवेरे 10-15 मिनट गर्म पानी में दाल भिगो लें। इससे दाल पकने  में वक्त नहीं लगेगा।
3. दाल खारे पानी में न पकाएं। हमेशा दाल मीठे पानी में ही पकाएं। खारे पानी में दाल मुश्किल से पकती है।
4. कुकर में दाल बनाते समय खूब सारा पानी न डालें। पानी दाल से एक इंच ऊपर रहे, इतना ही पानी डालें।
5. जब दाल में दो सिटी आ जाये तब कुकर ठंडा करके खोलें और दाल को रवाई से अच्छी तरह घोट लें। फिर कुकर बन्द कर गैस पर चढ़ा दें और दो सिटी और लें।

आशा है, आपको यह जानकारी उपयोगी लगी होगी।

घर में रखी चीजों से बहुत सरल तरीके से स्वादिष्ट काढ़ा बनाने के लिए नीचे दिये लिंक को कॉपी करिए -

https://saadabhojan.blogspot.com/2021/06/blog-post.html

रविवार, 14 जनवरी 2018

कच्ची केरी के व्यंजन

गर्मी में भोजन में कच्चे आम या केरी का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करना चाहिए। कहते हैं, आम फल नहीं अमृत है। गर्मियां शुरू होते ही आम के पेड़ पर कोयल कूकने लगती है और आम में बौर आने लगते हैं। शुरुआत होती है, कच्चे आम से। गर्मी में केरी बहुतायत में और बहुत सस्ती मिलती है। आइये देखते हैं, केरी को हम किस तरह से अपने भोजन में सम्मिलित कर सकते हैं।

1.केरी का पना : झुलसती गर्मी में,लू या sunstrok से बचने के लिए केरी का झोलिया या पना हर रोज पीना चाहिए।  आइये बनाएं केरी का पना ~


केरी को पहले साफ़ पानी से अच्छी तरह धो लें। फिर कुकर में पानी डाल कर केरी को दो सिटी आने तक पकाएं। कुकर ठंडा होने पर केरी बाहर निकालें। स्टील के भगोने में सब केरियों को छिलका उतार कर  रख लें। अब थोड़ा पानी डाल कर इन केरियों को मथ लें जिससे केरियों का सारा सार पानी में आ जाय। गुठलियां अलग कर लें। अब इस खट्टे पानी को छान लें। और काला नमक, भुना- पिसा हुआ जीरा,  शक्कर और जरा सी पिसी लाल मिर्च डाल कर भोजन के उपरान्त यह खट्टा-मीठा केरी का पानी घर के सदस्यों को पीने को दें। यह पाचक भी है, साथ ही गर्मी के दिनों में लू लगने से बचाता भी है।

2. केरी की कचुम्बर:
कच्ची केरी को छिल लें व बिल्कुल छोटे- छोटे टुकडों में काट लें या किसनी पर किस लें। अब नमक, शक्कर, पिसी लाल मिर्च और  चुटकी भर पिसी हींग मिला कर थोड़ी देर रख दें। भोजन परोसते समय  थाली में यह स्वादिष्ट कचुम्बर भी रखें।