शुक्रवार, 10 सितंबर 2021

गणेश चतुर्थी पर बनाएं चूरमे के लड्डू

 


गणेश चतुर्थी पर हर घर में चूरमे के लड्डू बनना तो अनिवार्य है।यदि आपको चूरमे के लड्डू बनाने में कोई परेशानी आ रही हो तो मेरी यह पोस्ट पढ़िए और बहुत आसानी से चूरमे के लड्डू बना कर गणपति जी को भोग लगाएं। 

सामग्री - 1.  गेंहू का आटा 2 कटोरी

            2. देसी घी मोयन और तलने के लिए

            3. शक्कर का बुरा डेढ़ कटोरी

            4.  पिसी इलाइची और कुछ दाने किशमिश के


विधि - परात में गेंहू का आटा लें और उसमें घी का मोयन डालें। चूरमे के लड्डू में घी अच्छा खासा पड़ता है इसलिए मोयन डालने में कंजूसी न करें। 2 कटोरी आटे में लगभग 1 कटोरी घी डल जाएगा। अब दोनों हाथों से आटे को अच्छे से मसलें ताकि घी पूरी तरह से आटे में मिल जाय। फिर थोड़ा- थोड़ा पानी लेकर कड़ा आटा गूंधें। गुंधे आटे से मुठिए बनाएं। यानि आटे की एक बड़ी सी लोई हथेली में लेकर  मुट्ठी बंद करें। लोई पर मुट्ठी के निशान बन जाएंगे। इसे ही मुठिया कहते हैं। इन मुठियों को कढ़ाई में घी डालकर सुनहरा होने तक तलें। कई लोग मुठिया बनाने की बजाय मोटे लोए या कहें बाटी जैसी बनाकर तवे पर सेंकते है जिससे घी कम लगता है। 

मुठिए तलने के बाद इन्हें थोड़ी देर ठंडा होने दें फिर  मिक्सर में दरदरा पीसें। पिसे हुए मुठिए को दर कहते है। दर को छलनी से छान लें ताकि दर एक जैसा बनें और कोई बड़ा टुकड़ा न रहे। छने हुए दर में शक्कर का बुरा, किशमिश व पिसी इलाइची मिलाएं और लड्डू बांधे। यदि लड्डू बिखर रहे हों तो पिघला हुआ घी मिलाएं और लड्डू बांधे। चूरमे के लड्डू तैयार हैं।





रविवार, 18 जुलाई 2021

राजस्थान की पारंपरिक डिश- फली-बाटी

 


राजस्थान और इसके आसपास के क्षेत्रों में फली-बाटी अक्सर बनाई जाने वाली डिश है। यह सुस्वादु तो है ही, प्रोटीन और विटामिन-मिनरल्स युक्त, बनाने में आसान और घर में उपलब्ध सामग्री से बनाई जाने वाली डिश है। ग्वारफली को इंग्लिश में  cluster beans कहते हैं।
 तो आइए बनाते हैैं "फली-बाटी"  

सामग्री ~
   
1. 250 ग्राम, बारीक कटी-धुली हुई ग्वारफली

2. बेसन  150 ग्राम 

3. मसाले - लाल मिर्च पावडर, नमक, हल्दी, धनिया पावडर

4. खाने का तेल 100 ग्राम

5. बघार के लिए राई, जीरा और हींग

विधि -

1. बेसन में सारे मसाले डाल दें। अब लगभग 50 ग्राम तेल का मोयन डाल कर अच्छी तरह से मसल कर बेसन एकसार कर लें फिर पानी की मदद से थोड़ी कड़क पीठी बना लें।  

2. तैयार बेसन की पीठी से छोटी-छोटी लोई तोड़ कर दोनों हथेलियों के बीच में दबा कर बाटी के आकार की चपटी-गोल बाटीयां बना लें। 

3. कुकर में एक कटोरी पानी डाल कर, कटी हुई ग्वार फली और बेसन की बाटीयां डाल दें व तीन सीटी आने तक पकाएं।

4. कढ़ाही में बचा तेल डाल कर राई जीरे और हींग का बघार लगाएं। बघार आने पर फली और बाटी डाल कर अच्छे से मिलाएं। चाहे तो ऊपर से नमक-मीर्च डालें। 

बाटी को अधिक पोली और नर्म बनाने के लिए आप इसकी पीठी बनाते समय चुटकी भर खाने का मीठा सोड़ा डाल सकती हैं। 

राजस्थान में फली-बाटी, सुबह नाश्ते में भी खाई जाती है। बाती और फली को कुकर में एक साथ पकाने से फली की जो महक बाती में घुल जाती है, वह एक अलग ही स्वाद देती है। बना कर अवश्य देखिए, नयापन, पौष्टिकता और स्वाद सब मिलेंगे।



शुक्रवार, 25 जून 2021

घर में मौजूद चीजों से बनाएं कड़क काढ़ा

 


आज हम बनाएंगे कड़क काढ़ा। जिसके लिए जो भी चीजें चाहिए, सभी हम सबके घरों में उपलब्ध रहती हैं। अच्छी बात  यह है कि काढ़ा बहुत ही स्वादिष्ट  बनता है। तो    आइये शुरू।  करते हैं काढ़ा बनाना  - 
1. अजवाइन के 10-12 पत्ते

2. दालचीनी का छोटा टुकड़ा

3. 5-6 कालीमिर्च के दाने

4. अदरक का छोटा टुकड़ा

5. दो लौंग

6. थोड़ा सा गुड़

विधि - 

गुड़ को छोड़कर सारी सामग्री को खलबत्ते में कूट लें। फिर पतीली में 100 ml पानी लेकर सारी सामग्री डाल दें। गुड़ को चाकू से छोटे-छोटे टुकड़े करके डाल दें। पतीली को गैस की आंच पर चढ़ाएं और पानी को उबलने दें। पानी उबलते-उबलते जब काफी कम हो जाए और उसका रंग चाय की तरह गहरा हो जाये तो उसे किसी प्याले में छानें। ऊपर से पुदीने के पत्ते डाल दें। यह काढ़ा थोड़ा गर्म ही पियें। आपकी सर्दी-जुकाम, खांसी सब रफूचक्कर हो जाएंगे।

रविवार, 23 मई 2021

मसाला रोटी

 


रोज के भोजन में क्या बनाते हैं हम सब ? रोटी, सब्जी,दाल, चावल यही सब। लेकिन रोटी खाते-खाते बोर हो गए हैं क्या आप ? कुछ दूसरा ऑप्शन ढूंढते हैं। चलिए आज बनाते हैं- मसाला रोटी...

मसाला रोटी बनाने के लिए जो भी सामग्री चाहिए वह सब आपके किचन में जरूर होगी। तो शुरू करिये मसाला रोटी बनाना ~

विधि :-

1.एक माध्यम आकार का आलू उबालें। उसे छील कर या तो कद्दूकस कर लें या मेश कर लें। 

2. एक बाउल में दो कटोरी गेंहू का आटा, एक कटोरी मक्की का आटा, आधा कटोरी बेसन लें।

3. इनमें नमक, लालमिर्च पावडर,हल्दी पावडर, पिसा धनिया पावडर डालें।

4.  जीरा,सिंके हुए तिल, अजवाइन थोड़ी-थोड़ी मात्रा में लेकर इमाम दस्ते में कूट लें और आटे में मिला लें।

5. हरी मिर्च बारीक कटी,  हरी धनिया पत्ती, बारीक कटे प्याज भी आपके हिसाब से ऊपर की सामग्री में मिला लें।

6. अब 50 ग्राम गर्म घी पिघला हुआ डालें। 

7. मेश किये आलू भी मिला दें और अब पानी डाल कर आटा ओसन लें। इस रोटी का आटा नरम ही रहेगा क्योंकि इसमें हमने आलू डाले हैं। 

8. गूँधा हुए आटे को 15-20 मिनट ढंक कर रख दें।

9. अब पलेथन लगाते हुए मोटी रोटी बेलें। सामान्य रोटी की मोटाई से मसाला रोटी की मोटाई थोड़ी ज्यादा रखें जैसे मक्की की रोटी बनाई जाती है।

10. इसे तवे पर डाल कर दोनों तरफ से सेंके। सिकने पर दोनों तरफ घी से चुपड़ कर गर्मा-गर्म सर्व करें।

11. मसाला रोटी आप डाल,सब्जी या निम्बू के आचार के साथ खा सकते हैं।


  

गुरुवार, 25 फ़रवरी 2021

नमकीन केशरिया भात कैसे बनाएं

 हमारे ब्लॉग saadabhojan.blogspot.com का मुख्य उद्देश्य है,अपने देश की परंपरागत विधि से बनाया गया सात्विक और पौष्टिक भोजन के बारे में आपको बताना। मॉडर्न जमाने के नाम पर कुछ भी बना लिया जाए जो स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं हो तो भोजन करने का कोई मतलब ही नहीं रहेगा। तो आज हम आपको ऐसी ही एक साधारण सी लेकिन स्वास्थ्यकर रेसिपी बता रहे हैं  जिसमें हल्दी का उपयोग विशेष रूप से किया गया है।हल्दी शरीर की हड्डियों को मजबूत बनाती है,सर्दी-जुकाम से बचाव करती है,एंटीसेप्टिक है और रोगों के प्रति प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाती है।

नमकीन केशरिया भात:-
मुख्य सामग्री : 150 ग्राम चावल,हल्दी पावडर, लाल मिर्च पावरडर, नमक,देसी घी,जीरा।
ऐच्छिक सामग्री :- 15 20 काजू और 4 आलू।
विधि :- चावल को दो-तीन बार पानी से धोकर आधा घण्टा गलने रख दें।फिर तपेली में लगभग 600 मिली लीटर  पानी लेकर गैस पर उबलने रखें।पानी में हल्दी पौड़,लाल मिर्च और नमक भी डाल दें।जब पानी खोलने लगे तो उसमें चावल डाल दें। बीच-बीच में चम्मच से चलाती रहें।जब चावल पक जाएं तो गैस बंद कर तपेली ढंक दें।
कड़ाही में घी डाल कर काजू तल लें।फिर उसी घी में आलू के लंबे-लंबे टुकड़े करके तल लें। काजू और आलू के टुकड़ों को नमक व  लाल मिर्च डालकर एक प्लेट में निकाल लें।
अब कड़ाही के बचे घी को  गर्म करें।जीरा डालें। फिर यही छौंक चावल की तपेली में डाल दें।अच्छे से मिलाएं।
परोसते समय तले काजू व आलू मिला दें।चाहें तो आलू और काजू अलग से प्लेट में रख सकते हैं।ये चावल दिखने ने इतने सुंदर और खाने में इतने स्वादिष्ट होते हैं कि सभी को विशेषकर बच्चों को बेहदपसंद आते हैं।




गुरुवार, 14 जनवरी 2021

आलू के कटलेट्स ऐसे बनाएं

आलू एक ऐसी सब्जी है जो गृहिणी सदैव अपने रसोईघर में रखती ही है। ये है भी तो इतनी टेस्टी और पोषक कि घर में सबकी मनपसन्द सब्जी है। वास्तव में आलू आम सब्जी की तरह पौधे के ऊपरी हिस्से में फल-फूल के रूप में नहीं उगता बल्कि यह पौधे का तना होता है जो भूमि के नीचे मिट्टी में पनपता है।
आइए आलू से एक शानदार डिश बनाना जानते हैं :-

आलू के कटलेट्स -
सामग्री : 4 आलू उबले- छिले,मूंगफली दाना सिंके व बारिक कुटे हुए,काजू, किश्मिश,अदरक-लहसुन का पेस्ट, हरीमिर्च  पिसी हुई,नमक,हरा धनिया कटा हुआ और निम्बू का रस।ये सब अंदाज से व तलने के लिए तेल।

विधि : उबले-छिले आलुओं को मैश कर लें।फिर उसमें ऊपर लिखी सारी सामग्री मिला लें।अब इनके छोटे-छोटे हिस्से करके हथेली पर रख कर गोल या लंबे जैसा भी पसन्द हो कटलेट्स बना कर थाली में रखद लें। कढ़ाही में तेल गरम करके धीमी आंच पर तलें।हरी चटनी,ई।इमली-टमाटर की चटनी के साथ स्वादिष्ट कटलेट्स परोसें।
बहुत सी महिलाएं कटलेट्स को मैदे या ब्रेड क्रम्स में लपेट कर तलती हैं लेकिन ऐसा करने से कटलेट्स में आलू का स्वाद कम हो जाता है फिर उन्हें व्रत-उपवास में भी नहीं खा सकते हैं। इसलिए उपरोक्त विधि से कटलेट्स बनाइये और वाह-वाही लूटिए।