रविवार, 18 जुलाई 2021

राजस्थान की पारंपरिक डिश- फली-बाटी

 


राजस्थान और इसके आसपास के क्षेत्रों में फली-बाटी अक्सर बनाई जाने वाली डिश है। यह सुस्वादु तो है ही, प्रोटीन और विटामिन-मिनरल्स युक्त, बनाने में आसान और घर में उपलब्ध सामग्री से बनाई जाने वाली डिश है। ग्वारफली को इंग्लिश में  cluster beans कहते हैं।
 तो आइए बनाते हैैं "फली-बाटी"  

सामग्री ~
   
1. 250 ग्राम, बारीक कटी-धुली हुई ग्वारफली

2. बेसन  150 ग्राम 

3. मसाले - लाल मिर्च पावडर, नमक, हल्दी, धनिया पावडर

4. खाने का तेल 100 ग्राम

5. बघार के लिए राई, जीरा और हींग

विधि -

1. बेसन में सारे मसाले डाल दें। अब लगभग 50 ग्राम तेल का मोयन डाल कर अच्छी तरह से मसल कर बेसन एकसार कर लें फिर पानी की मदद से थोड़ी कड़क पीठी बना लें।  

2. तैयार बेसन की पीठी से छोटी-छोटी लोई तोड़ कर दोनों हथेलियों के बीच में दबा कर बाटी के आकार की चपटी-गोल बाटीयां बना लें। 

3. कुकर में एक कटोरी पानी डाल कर, कटी हुई ग्वार फली और बेसन की बाटीयां डाल दें व तीन सीटी आने तक पकाएं।

4. कढ़ाही में बचा तेल डाल कर राई जीरे और हींग का बघार लगाएं। बघार आने पर फली और बाटी डाल कर अच्छे से मिलाएं। चाहे तो ऊपर से नमक-मीर्च डालें। 

बाटी को अधिक पोली और नर्म बनाने के लिए आप इसकी पीठी बनाते समय चुटकी भर खाने का मीठा सोड़ा डाल सकती हैं। 

राजस्थान में फली-बाटी, सुबह नाश्ते में भी खाई जाती है। बाती और फली को कुकर में एक साथ पकाने से फली की जो महक बाती में घुल जाती है, वह एक अलग ही स्वाद देती है। बना कर अवश्य देखिए, नयापन, पौष्टिकता और स्वाद सब मिलेंगे।