सभी के घरों में दूध तो आता ही है। यदि आप दूध मदर डेयरी या ऐसी ही किसी अच्छी डेयरी का दूध मंगवाते हैं तो दूध प्लास्टिक की थैली में आता है। हम दूध निकाल कर थैली कचरे में फेंक देते हैं लेकिन आपने नोट किया होगा कि ये milk bags दूध की थैली बहुत उच्च क्वालिटी के प्लास्टिक से बनाई जाती है और काफी मजबूत होती हैं। इन्हें यूंही फेंक देने से पर्यावरण को बेहद नुकसान होता है।अकेले भारत में ही रोज 20 करोड़ दूध की थैलियां इस्तेमाल के बाद फेंक दी जाती हैं। दूध की थैलियां मिट्टी में मिलने में 100 साल से भी ज्यादा समय लेती हैं।
तो इन मिल्क बैग्स का उपयोग कैसे किया जाए। इस पोस्ट में मैं आपको बता रही हूं कि How to use milk bags ? दूध की खाली थैलियों का उपयोग कैसे करें ?
दूध की खाली थैली का उपयोग करने से जहां आप घर में काम आने लायक चीज बना सकते हैं वहीं इन मिल्क बैग्स से वातावरण प्रदूषित होने से भी बचेगा।
मैंने दूध की खाली थैली से पलंग पर बिस्तर बिछाने के लिए 4×6 की साईज की चटाई बनाई है। इसे आप भी आराम से बना सकते हैं। बस करना यह है कि दूध की खाली थैलियों को गर्म पानी में डिटर्जेंट डाल कर सारी चिकनाहट निकाल लें। साफ थैलियों को सूखा लें। ऐसी ही साफ थैलियां इकट्ठी करती जाएं। जब कुछ थैलियां इकट्ठी हो जाएं तो पहले एक- एक थैली को लंबाई में सुई- धागे या मशीन पर सील कर चार फीट लंबी एक लड़ी बना लें। इसी तरह थैलियों को सील कर चार फीट लंबी लड़ियाँ बना कर रखती जाएं।
जब काफी सारी लड़ियाँ बन जाए तो इनको खड़े आकार में आपसमें जोड़ती जाएं, जब तक कि 6 फ़ीट चौड़ाई न हो जाए। बस बन गई आपकी एक बहुत ही सुंदर और मजबूत दरी या चटाई।
जब काफी सारी लड़ियाँ बन जाए तो इनको खड़े आकार में आपसमें जोड़ती जाएं, जब तक कि 6 फ़ीट चौड़ाई न हो जाए। बस बन गई आपकी एक बहुत ही सुंदर और मजबूत दरी या चटाई।


