शुक्रवार, 17 जुलाई 2020

राजगीरे के आटे के परांठे

राजगीरा बहुत ज्यादा पौष्टिक और प्रोटीन युक्त आटा है। राजगीरे के आटे का उपयोग व्रत में किया जाता है लेकिन इसके व्यंजन इतने स्वादिष्ट होते हैं कि घर में सदस्य अक्सर इसकी रोटी,परांठे और पूरी खाने की फरमाइश करते रहते हैं।

तो पहले हम राजगीरे के बारे में बात करते हैं क्योंकि भारत के कुछ भागों में ये इतना पापुलर नहीं है,जितना उत्तर क्षेत्र में। राजगीरा को रामदाना के नाम से भी जाना जाता है। चौलाई की साग तो पूरे देश में बरसात के मौसम में मिलती है। चौलाई के बीज ही राजगीरा कहलाते हैं। इसका वानस्पतिक नाम AMARANTHUS है और अंग्रेजी में Amaranth कहते हैं। राजगीरे को शक्कर की चाशनी में लपेट कर इसके लड्डू बनाये जाते हैं जो बच्चों को बहुत पसंद आते हैं और उनके लिए ये प्रोटीन से भरपूर एक बहुत ही उत्तम आहार है।

तो आईये राजगीरे के आटे के परांठे बनाना सीखते हैं -

सामग्री :- राजगीरे का आटा, लाल मिर्च पावडर, सेंधा नमक, बारीक कटी हरी मिर्च, बारीक कटा हरा धनिया, जीरा। चाहें तो एक उबले आलू को मसल कर भी डाल दें। मसाले अपने स्वाद के अनुसार आप आटे में डालें।

विधि :- आटे में सारे मसाले और हरी मिर्च, धनिया डाल कर पानी से आटा गूंध लें। राजगीरे का आटा गेंहू के आटे के बनिस्बत मोटा और दरदरा होता है इसलिए गूंधने के बाद आटा गेंहू के आटे के समान नहीं होता है। गूंधने के बाद आटे को 15 मिनट के लिए ढंक कर रख दें।
आंच पर तवा गर्म होने के लिए रखें। आटे की मोटी लोई तोड़ कर चकले पर एक मोटा गोल परांठा बेलें। राजगीरे के आटे के परांठे बेलने में बहुत सावधानी रखें क्योंकि राजगीरे के आटे में थोड़ी सख्ती होती है। बेलते समय इसकी रोटी,परांठे टूट जाते हैं। परांठे धीरे-धीरे पलेथन की सहायता से बेलें। फिर इनको तवे पर देसी घी लगा कर दोनों तरफ से सेंकें।
राजगीरे के परांठे गरम-गरम ज्यादा टेस्टी लगते हैं। इनको टमाटर के सलाद या दही के साथ परोसें।

गुरुवार, 9 जुलाई 2020

बची हुई रोटी और सब्जी




 बची रोटी leftover chapati recipe
बची हुई रोटी से आपने खाकरे, पोहे व उपमा आदि जरूर बनाये होंगे। लेकिन मैं आज आपको यहां बची रोटी से ऐसा नाश्ता बनाना बता रही हूं जो न केवल खाने में स्वादिष्ट है बल्कि बनाने में बहुत सरल और हैल्थ के लिए पौष्टिक है। इसके लिए जरूरी सामग्री
और बनाने की विधि इस तरह है :-


जरूरी सामग्री - सूखी हुई रोटी, बारीक कटे प्याज, हरी मिर्च, हरा धनिया, जो भी सब्जियां आपके पास मौजूद हो जैसे मटर, लौकी, गिलकी, पालक,गौभी,आलू। बघार के लिए तेल, राई, जीरा और हींग, नमक, लाल मिर्च पावडर, हल्दी पावडर,  सूखा धनिया पावडर।

विधि :- बची सूखी हुई रोटी के छोटे-छोटे टुकड़े कर लें। सभी सब्जियों को साफ पानी से धो कर बारीक काट लें। सब्जियों में नमक,लाल मिर्च पावडर, धनिया पावडर, हल्दी पावडर डालकर मिला लें।

अब कढ़ाही में तेल डालकर गैस पर रखें। तेल गर्म हो जाये तो उसमें राई डालें। राई तड़कना बन्द कर दे तब जीरा और हींग डालें। फिर तुरन्त उसमें हरी मिर्च व प्याज डाल कर अच्छे से भूनें। जब प्याज थोड़े लाल हो जाये तो मसाले मिली हुई सब्जियां डाल दें। आवश्यक हो तो थोड़ा पानी डालें। सब्जियों को कढ़ाही में अच्छे से एकसार करके ढक्कन से ढंक दें। 7-8 मिनट बाद खोलकर देखें कि सब्जियां सीझ गई होंगी। अब बची रोटी के टुकड़े डालकर चम्मच से मिला दें। दोबारा ढक्कन से ढंक दें। 2-4 मिनट में रोटी के टुकड़े नर्म पड़ जाएंगे। अब ऊपर से हरे धनिए की बारीक कटी पत्तियां डाल दें। आपका पौष्टिक नाश्ता तैयार है।