राजगीरा बहुत ज्यादा पौष्टिक और प्रोटीन युक्त आटा है। राजगीरे के आटे का उपयोग व्रत में किया जाता है लेकिन इसके व्यंजन इतने स्वादिष्ट होते हैं कि घर में सदस्य अक्सर इसकी रोटी,परांठे और पूरी खाने की फरमाइश करते रहते हैं।
तो पहले हम राजगीरे के बारे में बात करते हैं क्योंकि भारत के कुछ भागों में ये इतना पापुलर नहीं है,जितना उत्तर क्षेत्र में। राजगीरा को रामदाना के नाम से भी जाना जाता है। चौलाई की साग तो पूरे देश में बरसात के मौसम में मिलती है। चौलाई के बीज ही राजगीरा कहलाते हैं। इसका वानस्पतिक नाम AMARANTHUS है और अंग्रेजी में Amaranth कहते हैं। राजगीरे को शक्कर की चाशनी में लपेट कर इसके लड्डू बनाये जाते हैं जो बच्चों को बहुत पसंद आते हैं और उनके लिए ये प्रोटीन से भरपूर एक बहुत ही उत्तम आहार है।
तो आईये राजगीरे के आटे के परांठे बनाना सीखते हैं -
सामग्री :- राजगीरे का आटा, लाल मिर्च पावडर, सेंधा नमक, बारीक कटी हरी मिर्च, बारीक कटा हरा धनिया, जीरा। चाहें तो एक उबले आलू को मसल कर भी डाल दें। मसाले अपने स्वाद के अनुसार आप आटे में डालें।
विधि :- आटे में सारे मसाले और हरी मिर्च, धनिया डाल कर पानी से आटा गूंध लें। राजगीरे का आटा गेंहू के आटे के बनिस्बत मोटा और दरदरा होता है इसलिए गूंधने के बाद आटा गेंहू के आटे के समान नहीं होता है। गूंधने के बाद आटे को 15 मिनट के लिए ढंक कर रख दें।
आंच पर तवा गर्म होने के लिए रखें। आटे की मोटी लोई तोड़ कर चकले पर एक मोटा गोल परांठा बेलें। राजगीरे के आटे के परांठे बेलने में बहुत सावधानी रखें क्योंकि राजगीरे के आटे में थोड़ी सख्ती होती है। बेलते समय इसकी रोटी,परांठे टूट जाते हैं। परांठे धीरे-धीरे पलेथन की सहायता से बेलें। फिर इनको तवे पर देसी घी लगा कर दोनों तरफ से सेंकें।
राजगीरे के परांठे गरम-गरम ज्यादा टेस्टी लगते हैं। इनको टमाटर के सलाद या दही के साथ परोसें।
तो पहले हम राजगीरे के बारे में बात करते हैं क्योंकि भारत के कुछ भागों में ये इतना पापुलर नहीं है,जितना उत्तर क्षेत्र में। राजगीरा को रामदाना के नाम से भी जाना जाता है। चौलाई की साग तो पूरे देश में बरसात के मौसम में मिलती है। चौलाई के बीज ही राजगीरा कहलाते हैं। इसका वानस्पतिक नाम AMARANTHUS है और अंग्रेजी में Amaranth कहते हैं। राजगीरे को शक्कर की चाशनी में लपेट कर इसके लड्डू बनाये जाते हैं जो बच्चों को बहुत पसंद आते हैं और उनके लिए ये प्रोटीन से भरपूर एक बहुत ही उत्तम आहार है।
तो आईये राजगीरे के आटे के परांठे बनाना सीखते हैं -
सामग्री :- राजगीरे का आटा, लाल मिर्च पावडर, सेंधा नमक, बारीक कटी हरी मिर्च, बारीक कटा हरा धनिया, जीरा। चाहें तो एक उबले आलू को मसल कर भी डाल दें। मसाले अपने स्वाद के अनुसार आप आटे में डालें।
विधि :- आटे में सारे मसाले और हरी मिर्च, धनिया डाल कर पानी से आटा गूंध लें। राजगीरे का आटा गेंहू के आटे के बनिस्बत मोटा और दरदरा होता है इसलिए गूंधने के बाद आटा गेंहू के आटे के समान नहीं होता है। गूंधने के बाद आटे को 15 मिनट के लिए ढंक कर रख दें।
आंच पर तवा गर्म होने के लिए रखें। आटे की मोटी लोई तोड़ कर चकले पर एक मोटा गोल परांठा बेलें। राजगीरे के आटे के परांठे बेलने में बहुत सावधानी रखें क्योंकि राजगीरे के आटे में थोड़ी सख्ती होती है। बेलते समय इसकी रोटी,परांठे टूट जाते हैं। परांठे धीरे-धीरे पलेथन की सहायता से बेलें। फिर इनको तवे पर देसी घी लगा कर दोनों तरफ से सेंकें।
राजगीरे के परांठे गरम-गरम ज्यादा टेस्टी लगते हैं। इनको टमाटर के सलाद या दही के साथ परोसें।
