सोमवार, 26 जून 2017

चौलाई की साग कैसे बनायें ?

चौलाई की साग खाने में तो स्वादिष्ट होती है, गुणों से भी भरपूर होती है। चौलाई की साग बाजार में सर्दियों में बहुतायत से आती है। चौलाई की पत्तियों में आयरन,केल्शियम,मैग्नेशियम और कई प्रकार के विटामिन पाये जाते हैं। यदि इसकी सब्जी अच्छी तरह से बनाई जाय तो बच्चों को भी बहुत पसन्द आती है। तो आइए बनाते हैं चौलाई की सब्जी ~

सामग्री- चौलाई की साग,
बघार के लिए तेल, राई, जीरा।
 हरी मिर्च कटी हुई,प्याज-लहसुन और टमाटर बारीक कटे हुए।
 मसाले- नमक, लाल मिर्च और हल्दी।

बनाने की विधि - चौलाई की पत्तियों के डंठल तोड़ कर साफ़ पानी से धो लें। फिर कुकर में बहुत थोड़ा पानी डाल कर दो सिटी आने तक पका लें।
कढ़ाई में तेल गर्म करें। जब तेल अच्छे से गर्म हो जाय तो राई,जीरे का तड़का लगाएं। हरी मिर्च,प्याज,लहसुन और टमाटर डाल दें। जब सारी चीजें थोड़ी गल जाएँ तब बफी हुई चौलाई की साग मिला दें। ऊपर से नमक,हल्दी और लाल मिर्च डाल दें। मक्का की रोटी के साथ परोसें।

शनिवार, 24 जून 2017

हलवा ज्यादा स्वादिष्ट कैसे बने ?

घर में कोई त्योहार हो या पूजा या फिर मेहमान आये हों, हलवा एक जल्दी बनने वाली मिठाई है। बच्चों से लेकर बड़ों तक को हलवा पसन्द आता है। हलवा यूं तो आसानी से बन जाता है पर यदि कुछ सावधानियां रखें तो इसे और ज्यादा स्वादिष्ट बनाया जा सकता है। आईये, पढ़ते हैं ऐसे ही कुछ टिप्स-
1. ज्यादातर घरों में सूजी का हलवा बनता है लेकिन यदि सूजी नहीं हो तो आटे का हलवा भी बनाया जा सकता है। वह भी सब को उतना ही पसंद आएगा।

2. जब सूजी सेंके तो घी की मात्रा 100 ग्राम में 25 ग्राम के हिसाब से लें। ज्यादा घी डालने से एक तो हलवा खाने में हैवी पड़ता है दूसरे सूजी सेंकते समय टाईम भी ज्यादा लगता है।

3. सूजी सेंकते समय उसे लगातार खुरपी से चलाती रहें। पूरी सूजी एकसार सिके इस बात का ध्यान रखें।

4. जब सूजी सिक कर भूरे रंग की होने लगे तो दूसरे गैस पर एक भगौने में पानी उबलने चढ़ा दें। पानी की जगह यदि दूध का प्रयोग करें तो हलवा बहुत स्वादिष्ट बनता है।

5. सिकी हुई सूजी में  उबलता पानी  थोडा थोडा करके डालें। आंच मद्दी कर दें। जब सूजी पहले वाला पानी सोख ले तब खुरपी से चला कर एकसार करें और फिर थोडा पानी फिरसे डालें। इसी तरह चार-पांच बार पानी डाल कर जल्दी जल्दी चलाती रहें वरना हलवे में गांठें पड़ जायँगी।

6. जब सूजी अच्छे से सिंक जाए तो 100 ग्राम सूजी में 30 ग्राम शक्कर डालें। फिर से मिक्स करें शक्कर गलने तक हलवा हिलाती रहें।

7. हलवा बनने के बाद यदि उसमें इलायची और काजू- बादाम डाल दी जाय तो क्या कहने ! 
लीजिये हलवा तैयार है।

रविवार, 4 जून 2017

What to do with minor burns ?

किचन में भोजन बनाते समय पर्याप्त सावधानी रखने पर भी कुछ हादसे हो जाते हैं। यदि आप गैस के पास खड़े हो कर भोजन बना रही हों और अचानक  कढ़ाई का तेल उछल कर आप पर आ गिरे तो !! गंभीर रूप से जलने पर तो डॉक्टर के पास ही जाना पड़ता है लेकिन मामूली जलने पर महिलाएं घबरा जाती हैं।ऐसी परिस्थिति में आप को सबसे पहले तुरन्त वाश बेसिन में जा कर  ठन्डे पानी से जले स्थान को धोना चाहिये। फिर आसपास यदि कोई पौधे वाला गमला हो तो जले स्थान पर उसकी मिट्टी लगा लें। फिर चाहें तो  किसी डॉक्टर के पास जायँ। आजकल जले स्थान पर टूथपेस्ट लगाने का काफी चलन हो गया है। टूथपेस्ट में केमिकल मिले रहते हैं। टूथपेस्ट कदापि न लगायें। यदि गमले की मिट्टी न उपलब्ध हो तो गूंधे हुए आटे की चपाती बना कर फौरन जले हुए स्थान पर चिपका दें। इससे जले स्थान पर ठंडाई महसूस होगी व फफोले भी नहीं पड़ेंगे।