सात्विक और पौष्टिक भोजन से उत्तम स्वास्थ्य प्राप्त किया जा सकता है लेकिन यदि संतुलित आहार न लिया जाय तो शरीर में कई तत्वों की कमी हो जाती है, जिनमें एक तत्व है BLOOD या रक्त। रक्त मानव शरीर का एक आवश्यक भाग है। शरीर को स्वस्थ रखने व ऊर्जावान बनाये रखने के लिए रक्त का पर्याप्त मात्रा में होना आवश्यक है।
रक्त में लोह तत्व की कमी से शरीर में रक्त की कमी हो जाती है जिसे एनीमिया कहते हैं। ऐसा जरूरी नहीं कि आप काजू-बादाम या अन्य महंगे पदार्थ खाएं, साधारण भोज्य पदार्थों से भी रक्त की पर्याप्त मात्रा शरीर में बन जाती है। पर जब हमारे भोजन में कुछ अनावश्यक वस्तुयें शामिल करके जरूरी तत्व छोड़ दिये जायें तो खून या रक्त की कमी यानि एनीमिया होने लगता है।
एनीमिया के लक्षण -
एनीमिया के कारण कोई अंग विशेष नहीं बल्कि शरीर का सम्पूर्ण स्वास्थ्य प्रभावित होता है। एनीमिया में खून की कमी होना मुख्य कारण है और खून का एक मुख्य भाग होता है - हीमोग्लोबिन।
हीमोग्लोबिन दो शब्दों से मिलकर बना है - हिम यानि लोहा और ग्लोबिन यानि प्रोटिन। नाखून, हथेली, चेहरे व आंखों में सामान्य रंगत के बजाय उनमें पीलापन, शरीर में थकावट, ज्यादा पसीना आना और पैरों में सूजन एनीमिया के लक्षण हो सकते हैं।
एनीमिया का इलाज -
खानपान में थोड़ी-सी सावधानी बरत कर एनीमिया से निजात पाई जा सकती है। एनीमिया में कैसा आहार लिया जाए, इस विषय में कुछ उपाय नीचे दिए जा रहे हैं। आप इन्हें अपनाकर एनीमिया को दूर कर सकते हैं।
1- यदि आप या परिवार का कोई सदस्य एनीमिया anemia या रक्ताल्पता से ग्रस्त है तो अनार के पत्तों में इसका इलाज छुपा है। रोज एक छोटा चम्मच अनार के पत्तों का रस पीने से 15-20 दिन में चेहरे पर सुर्खी आने लगती है।
2- अनार पीलिया रोग में भी गुणकारी है। 100 ml अनार के ताजे रस में एक चम्मच पिसी मिश्री या ग्लूकोज़ मिला कर रोगी को देने से पीलिया जल्द ठीक हो जाता है।
2- अनार पीलिया रोग में भी गुणकारी है। 100 ml अनार के ताजे रस में एक चम्मच पिसी मिश्री या ग्लूकोज़ मिला कर रोगी को देने से पीलिया जल्द ठीक हो जाता है।
3- पालक आयरन का अच्छा स्त्रोत है। पालक का अधिक सेवन एनीमिया दूर करने में मददगार होगा। पालक को पीस कर आटे में मिलाकर इसकी रोटी बनाकर भी खाई जा सकती है।
4- यदि विटामिन "सी" की कमी हो तो हम भोजन में जो आयरन अर्थात लोह तत्व लेंगे वह शरीर द्वारा अवशोषित नहीं हो पायेगा। इसलिए आयरन को अवशोषित करने के लिए शरीर को विटामिन "सी" की भरपूर आवश्यकता होती है। भोजन में हरी मिर्च, नींबू, आँवला, टमाटर आदि जोड़ कर इसकी पूर्ति की जा सकती है।
5- चाय-काफी का सेवन कम करें।
6- चुकंदर beetroot में हीमोग्लोबिन बढ़ाने वाले तत्व काफी मात्रा में विद्यमान रहते हैं। चुकन्दर को सलाद का हिस्सा नियमित रूप से बनाइये या फिर इसका जूस बना कर पीजिये।

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