मंगलवार, 8 जुलाई 2025

Anemia Diet एनीमिया आहार

सात्विक और पौष्टिक भोजन से उत्तम स्वास्थ्य प्राप्त किया जा सकता है लेकिन यदि संतुलित आहार न लिया जाय तो शरीर में कई तत्वों की कमी हो जाती है, जिनमें एक तत्व है BLOOD या रक्त। रक्त मानव शरीर का एक आवश्यक भाग है। शरीर को स्वस्थ रखने व ऊर्जावान बनाये रखने के लिए रक्त का पर्याप्त मात्रा में होना आवश्यक है। 
रक्त में लोह तत्व की कमी से शरीर में रक्त की कमी हो जाती है जिसे एनीमिया कहते हैं। ऐसा जरूरी नहीं कि आप काजू-बादाम या अन्य महंगे पदार्थ खाएं, साधारण भोज्य पदार्थों से भी रक्त की पर्याप्त मात्रा शरीर में बन जाती है। पर जब हमारे भोजन में कुछ अनावश्यक वस्तुयें शामिल करके जरूरी तत्व छोड़ दिये जायें तो खून या रक्त की कमी यानि एनीमिया होने लगता है।

एनीमिया के लक्षण - 

एनीमिया के कारण कोई अंग विशेष नहीं बल्कि शरीर का सम्पूर्ण स्वास्थ्य प्रभावित होता है। एनीमिया में खून की कमी होना मुख्य कारण है और खून का एक मुख्य भाग होता है - हीमोग्लोबिन।
 हीमोग्लोबिन दो शब्दों से मिलकर बना है - हिम यानि लोहा और ग्लोबिन यानि प्रोटिन। नाखून, हथेली, चेहरे व आंखों में सामान्य रंगत के बजाय उनमें पीलापन, शरीर में थकावट, ज्यादा पसीना आना और पैरों में सूजन एनीमिया के लक्षण हो सकते हैं। 

एनीमिया का इलाज - 


खानपान में थोड़ी-सी सावधानी बरत कर एनीमिया से निजात पाई जा सकती है। एनीमिया में कैसा आहार लिया जाए, इस विषय में कुछ उपाय नीचे दिए जा रहे हैं। आप इन्हें अपनाकर एनीमिया को दूर कर सकते हैं।

1- यदि आप या परिवार का कोई सदस्य एनीमिया anemia  या रक्ताल्पता से ग्रस्त है तो अनार के पत्तों में इसका इलाज छुपा है। रोज एक छोटा चम्मच अनार के पत्तों का रस पीने से 15-20 दिन में चेहरे पर सुर्खी आने लगती है। 


2- अनार पीलिया रोग में भी गुणकारी है। 100 ml अनार के ताजे रस में  एक चम्मच पिसी मिश्री या ग्लूकोज़ मिला कर रोगी को देने से पीलिया जल्द ठीक हो जाता है।

3- पालक आयरन का अच्छा स्त्रोत है। पालक का अधिक सेवन एनीमिया दूर करने में मददगार होगा। पालक को पीस कर आटे में मिलाकर इसकी रोटी बनाकर भी खाई जा सकती है।

4- यदि विटामिन "सी" की कमी हो तो हम भोजन में जो आयरन अर्थात लोह तत्व लेंगे वह शरीर द्वारा अवशोषित नहीं हो पायेगा। इसलिए आयरन को अवशोषित करने के लिए शरीर को विटामिन "सी" की भरपूर आवश्यकता होती है। भोजन में हरी मिर्च, नींबू, आँवला, टमाटर आदि जोड़ कर इसकी पूर्ति की जा सकती है। 
5- चाय-काफी का सेवन कम करें।
6- चुकंदर beetroot में हीमोग्लोबिन बढ़ाने वाले तत्व काफी मात्रा में विद्यमान रहते हैं। चुकन्दर को सलाद का हिस्सा नियमित रूप से बनाइये या फिर इसका जूस बना कर पीजिये।



मंगलवार, 1 जुलाई 2025

पहाड़ी राजमा, सफेद राजमा केसे बनाते हैं ?

 


सफेद राजमा या पहाड़ी राजमा की फसल उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में  बोई जाती है। सफेद राजमा दिखने में काफी कुछ चवलें जैसा दिखता है। अंतर यह है कि यह आकार में चवलें के मुकाबले पतला,लंबा होता है। खाने में इसका स्वाद बिल्कुल चवलें की तरह होता है। इसकी सब्जी उसी तरह बनाई जाती है जैसे चवलें की।

सफेद राजमा की सब्जी बनाने की विधि:

सामग्री: 

1. सफेद राजमा 150 ग्राम

2. टमाटर एक

3. हरी मिर्च, धनिया

4. मसाले: नमक, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी, धनिया पाउडर 

5. छौंक के लिए: राई, जीरा, हींग, एक चम्मच शहद तेल या घी 

विधि:

सफेद राजमा को धो कर पानी मेंआधा घंटे तक भिगने के लिए छोड़ दें। फिर कुकर में नमक, हल्दी डालकर चार सिटी आने तक पकाएं। एक बर्तन में तेल या घी डालकर गर्म करें‌। तेल-घई जब अच्छे से गर्म हो जाए तो राई डालकर तड़काएं। अब जीरा डालकर थोड़ी देर भूनें। फिर हींग डालें अब  बारीक कटी हरी मिर्च डाल दें। फिर कटे टमाटर डालें और टमाटर गलने तक चम्मच से हिलाते रहें। नमक डालें। 

दो मिनट पश्चात कुकर में पके राजमा डालें। स्वाद के हिसाब से ऊपर लिखे सभी मसाले राजमा में मिलाएं। राजमा बहुत सुखे लग रहें हों तो आवश्यकता अनुसार गर्म पानी डालकर एकसार करें। पांच मिनट बाद गैस से नीचे उतार लें।कटा हरा धनिया डालें।

सफेद राजमा सर्व करने के लिए तैयार है।

नोट:- यदि आप लहसुन, प्याज पसंद करते हैं तो छौंक में इनका इस्तेमाल कर सकते हैं।



शुक्रवार, 6 जून 2025

मक्की के आटे की मसाला-टिक्की

 


 मक्की के आटे की रोटी तो आप बनाते ही होंगे,आज बनाइए मक्की के आटे की मसाला- टिक्की।

ये साइज में रोटी और पराठे से काफी छोटी होती है। वैसे इसकी कोई निश्चित साइज नहीं है, आप चाहें तो रोटी जितनी बड़ी टिक्की भी बना सकते हैं।

सामग्री ~ मक्की का आटा 250 ग्राम, नमक, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी, जीरा, अजवाइन, हींग, हरी मिर्च,अदरक, हरा धनिया। सेंकने के लिए तेल।

विधि ~  हरी मिर्च,अदरक और धनिया को मिक्सर में पीस कर पेस्ट बना लें। जीरा और अजवाइन को खरल में दरदरा कूट लें। 

अब आटे में सारे मसाले मिला लें। फिर अजवाइन और जीरा व मिर्च,अदरक,धनिया का पेस्ट भी मिला दें। 

पानी से आटा गूंधें। आटे को दस मिनट ढंक कर रख दें।

छोटी छोटी लोई लेकर हथेली के बीच रख कर थेपें और टिक्की बनाएं। तवे पर तेल की सहायता से दोनों तरफ से लाल होने तक अच्छी सिंकाई करें। 

वैसे ये टिक्की अचार या किसी अन्य चीज के बिना ही बहुत स्वादिष्ट लगती है पर यदि आप प्याज खाते हैं तो कच्चे प्याज के साथ खायेंगे तो कहना ही क्या !!


अब आए में सारे मसाले



बुधवार, 14 मई 2025

अजवाइन के पत्तों के भजिये

 



घर में आसानी से उगाया जाने वाला पौधा है यह, अजवाइन। ज्यादातर लोग इसे और बीज वाले अजवाइन को एक ही  मानते है लेकिन अजवाइन के बीज और यह अजवाइन जिसमें किसी प्रकार के फल, फूल  या बीज नहीं आते है दोनों भिन्न हैं।
यहां जिस पौधे की बात हो रही है उसका वानस्पतिक नाम COLEUS AROMATICUS है जबकि बीज वाले अजवाइन को वानस्पतिक भाषा में TRACHYSPERMUM AMMI कहते हैं।

अजवाइन के पत्तों में बहुत सारे औषधीय गुण हैं। इसका पौधा आसानी से घर में गमलों में ही उगाया जा सकता है। आजकल बारिश का मौसम चल रहा है और अभी अजवाइन बहुत फल-फूल रहा है। बड़े-बड़े पत्तों से इसकी बेलें ढंकी है। बारिश में सर्दी-खांसी होना आम बात है। तो क्यों न अजवाइन के पत्तों के भजिये बनाये जाएं। जिससे मजेदार भजिये का आनंद उठाने के साथ ही सर्दी-खांसी से भी निजात मिलेगी।

सामग्री :- अजवाइन के पत्ते आवश्यकता अनुसार

              घोल बनाने के लिए बेसन

              नमक

            लाल मिर्च पावडर

           सूखा धनिया पावडर

          हींग।

बस। अजवाइन के भजिये में इन चीजों के अलावा किसी अन्य वस्तु की जरूरत नहीं है। आप चाहे तो हरी मिर्च,हरा धनिया और दूसरी सामग्री डाल सकते हैं।यह आपकी इच्छा पर निर्भर है। लेकिन अजवाइन के पत्तों का असली स्वाद लेने के लिए कम से कम मसाले इस्तेमाल करें।


विधि :- बेसन में उपरोक्त सभी मसाले मिला कर पानी से  भजिये बनाने का घोल तैयार करें। गैस चालू करके कढ़ाही में तेल डालकर रखें। तेल अच्छा गर्म हो जाये तो अजवाइन के पत्ते एक -एक करके बेसन के घोल में लपेट कर तेल में छोड़ते जाएं, ठीक वैसे ही जैसे गिलकी,आलू,पालक आदि के भजिये बनाते हैं। दोनों तरफ से अलट - पलट कर भजिये सुनहरे होने तक तलें। फिर तेल से निकालकर प्लेट में सर्व करें।